60 सेकेण्ड में कमर दर्द को करें छूमंतर || how to fix back pain in 60 seconds
डॉक्टर ओज का कहना है कि कमर दर्द के दौरान वक्त बहुत लंबा और तकलीफदेह हो सकता है। मिनट घंटों के समान लगते हैं। और आजकल के दौर में लोगों को सिर्फ आराम नहीं, बल्कि फौरन आराम चाहिये। तो डॉक्टर ओज का जादुई दर्दनिवारक महज 60 सेकेण्ड और शायद इससे भी कम वक्त में दर्द दूर कर सकता है।
कमर दर्द से कैसे बचें
कम्फ्रे की सिंकाई (Comfrey Compress)
कम्फ्रे की सिकाई के बारे में बात करते हुए डॉक्टर ओज कहते हैं कि ये दवा काफी तेज काम करती है। यह तरीका पुरातन इलाज पद्धति है जिसमें एक सिले हुए बैग में पौधों या दवाओं के मिश्रण को सीधा उस हिस्से पर लगा दिया जाता है, जिसे इलाज की जरूरत होती है।इस इलाज को करते समय, आपको एक मलमल का कपड़ा लेकर उस पर कम्फ्रे आइंटमेंट की परत लगा दें। बाजार से यह दवा 5-20 प्रतिशत मेल के साथ क्रीम, पॉलट्री और लेप के रूप में मिलता है। यह तत्व सूखे या ताजा पत्तों से मिलाकर बनाया जाता है। अपनी चिकित्सीय खूबियों के कारण केम्फ्रे को जख्मों, कटे और मांसपेशियों या स्नायुबंधनों की चोट पर लगाया जा सकता है।
br />डेविल्स क्लॉ (Devil’s Claw)
डॉक्टर ओज का कहना है कि लोअर बैक के दर्द
को दूर करने में बेहद मददगार होता है। यह सप्लीमेंट के रूप में मिलता है
और इसे सूजन कम करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। श्रोणिक क्षेत्र के
स्नायुबंध आमतौर पर टूट जाते हैं जिसके कारण लोअर बैक में दर्द हो सकता
है। डॉक्टर ओज का कहना है कि दर्द दूर होने तक दिन में 100 मिलिग्राम तक
डेविल्स क्लॉ लिया जा सकता है।
स्ट्रेच (Supine Stretch)
डॉक्टर ओज के मुताबिक बैठे समय खड़े होने के मुकाबले रीढ़ की हड्डी पर अधिक दबाव पड़ता है। उनका कहना है कि एक सामान्य व्यक्ति सप्ताह में 50-60 घंटे बैठा रहता है, जो कमर दर्द की बड़ी वजह है। उनका कहना है कि रीढ़ की हड्डी पर अधिक दबाव पड़ने के कारण दर्द होता है। लगातार बैठे रहने के कारण कशेरुकाओं के बीच डिस्क में रक्त संचार कम हो जाता है। इससे दर्द होने लगता है। इससे अंत में डिस्क में पानी की कमी हो जाती है और उसमें अकड़न आ जाती है। और इस अकड़न के कारण व्यक्ति जब मुड़ता है, तो उसके रीढ़ की हड्डी में चोट लगने का खतरा होता है। और यही चोट कमर दर्द का एक बड़ा कारण होती है।कमर दर्द से बचने के लिए और रीढ़ की हड्डी को और अधिक लचीला बनाने के लिए डॉक्टर ओज स्ट्रेच करने की सलाह देते हैं। उनका कहना है कि नियमित रूप से स्ट्रेच करने से रीढ़ की हड्डी में जरूरी लचीलापन बना रहता है। अगर आपकी रीढ़ की हड्डी सही प्रकार काम करती रहे तो आपका जीवन भी सेहतमंद रहता है। इसलिए रीढ़ की हड्डी को किसी भी प्रकार की परेशानी से बचाने के लिए हमें हर जरूरी कदम उठाना चाहिये।
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